बहन के हुस्न का दीवाना भाई 4
अब मेरी बाजी भी मेरे प्यार में पड़ने लगी थी, और धीरे धीरे मुझे अपना जिस्म सौपने लगी थी, और साथ ही जन्नत ने भी मुझसे अपने प्यार का इजहार किया था, हम दोनों जन्नत का बर्थडे सेलिब्रेट करने गए थे
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अब मेरी बाजी भी मेरे प्यार में पड़ने लगी थी, और धीरे धीरे मुझे अपना जिस्म सौपने लगी थी, और साथ ही जन्नत ने भी मुझसे अपने प्यार का इजहार किया था, हम दोनों जन्नत का बर्थडे सेलिब्रेट करने गए थे
मैं अपनी बाजी के जिस्म को पाने के लिए पागल हो चूका था. और मैंने आत्महत्या की कोशिश भी की. और मैंने बाजी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश भी की...
बाजी के माथे चुंबन के बाद बाजी की प्यारी सी नाक को भी चूम लिया। अब मैंने अपने होंठ बाजी की बरसती आँखों पे रख दिए। और दोनों आंखों को भी बारी बारी चूमना शुरू कर दिया। मेरा एक हाथ जिससे मैंने बाजी हाथ पकड़ा था। अपने उस हाथ की उंगलियां मैंने बाजी के हाथ की बेजान उंगलियों में डाल दी और दूसरे हाथ की उंगलियां बाजी के बालों में फेरने लगा।
मैं अपनी बाजी के जिस्म को पाने के लिए तड़पने लगा था, और रात में कामुक हो कर सोई हुई बाजी की गांड को सहलाने लगा, जिससे बाजी जग गई और मुझे ३ थप्पड़ मर कर रूम से चली गई. सुबह जब मैं जगा तो मुझे बहुत शर्म आ रही थी
आज़म ने अपनी बहन की बात का कोई जवाब नही दिया और ज़ोर ज़ोर से साहिबा के निपल को काटते हुए उसे चूस्ता रहा, बीच बीच में उसे बदल कर दूसरे मम्मे को चूसने लग जाता. आज़म एक मम्मा चूस्ता तो दूसरा मसलता. साहिबा अपने भाई का वलिहाना प्यार महसूस कर के मज़े के मारे पागल हो रही थी..
अब जब से साहिबा ने अपने शोहर को रंगे हाथों अपनी नौकरानी को चोदते हुए पकड़ा था. तब से साहिबा के दिल ही दिल में एक बग़ावत जनम लेने लगी थी. अब नज़ाने क्यों उस का दिल चाह रहा था. कि जिस तरह उस के शोहर ने शादी के बाद भी दूसरी औरतों से नाजायज़ ताल्लुक़ात रख कर साहिबा के प्यार की तोहीन की है.
गालियाँ और बेरहमी से चूत मसलने से रोज़ा को बड़ा अच्छा लग रहा था। पहली बार एक जानवर जैसे मर्द से मस्ती करने में उसे मज़ा आ रहा था। अनिल की गोटियाँ मसलते हुए वो बोली, “आहहहह और चाट मेरी चूत और ऐसे ही मसल डाल मेरे मम्मे अनिल। आज तक शौहर ने इस तरह कभी मसला नहीं मेरा जिस्म और चूत भी चाटी नहीं उसने।
हेलो दोस्तों.. यह मेरी पहली स्टोरी है क्योंकि मेरा यह पहला सेक्स अनुभव था.. यह तब की बात है.. जब मैं बारहवीं के पेपर खत्म होने के बाद अपने नाना, नानी के घर गया था. मेरे दो मामा है और यह कहानी मेरी बड़ी मामी की है.
रोज़ा अपना सीना और तान के अनिल का सिर पकड़ के अपने मम्मों पे दबाते हुए बोली, “अरे अब तेरे पास हूँ तो नंगी करेगा ही ना, इतनी जल्दबाज़ी मत कर, या तूने किसी और को वक्त दे रखा है? अरे पल्लू तो डालूँगी पर उसके नीचे से खुला हुक लोगों को मुफ़्त का तमाशा दिखायेगा… उसका क्या?
दोनों स्तनों पर मेहँदी लगी हुई थी. मोर की डिज़ाइन में घुण्डिओ को मोर की चौंच बनायीं थी. गोरे गोरे स्तन पर लाल रंग की डिज़ाइन देख कर में खुद को रोक न सका. दोनों स्तन को मुट्ठी में ले कर दबोच लिए और किश की बरसात बरसा दी. मुंह खोल कर अरेओला के साथ घुंडी को मुंह में लिया चूसा और दांत से काटा.
मेरा नाम है राहुल. में 22 साल का मेडिकल स्टूडेंट हूँ. छः महीने पहले मेरी शादी मेरे बाजूवाले अंकल की 18 साल की लड़की मुस्कान से हुई है. शादी के वक्त मुस्कान कच्ची कुंवारी थी और बहुत ही शर्मीली थी. उसके शर्मीलापन का सामना कर के कैसे मेंने मुस्कान को पहली बार चोदा इस की ये कहानी है कहानी हमारी सुहागरात की.
अपनी ननद के साथ मेरी बहुत पटती थी और मैं उसको उसके आशिकों से मिलने में उसकी मदद करती रहती! मेरे पति का लौड़ा इतना बड़ा नहीं था, ऊपर से मेरी रांड ननद सुन्दर – सुन्दर लड़कों से मिलती ! उसका एक आशिक उसे आधी रात को मिलने आता था और कभी कभी उसको चोद भी लेता था ! सब मिलना मिलाना मेरे राह से निकल कर जाता था ! मैंने जल्दी ससुराल में पकड़ बना ली !
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